राजनीति
वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर सिंग्रामपुर में गरिमामय कार्यक्रम संपन्न
वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर सिंग्रामपुर में गरिमामय कार्यक्रम संपन्न
वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर सिंग्रामपुर में आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों ने उनके शौर्य, त्याग और राष्ट्रभक्ति को नमन करते हुए उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री दुर्गादास उइके ने कहा कि रानी दुर्गावती ने इतिहास में पहली बार महिलाओं को सैन्य प्रशिक्षण देकर आत्मरक्षा और राष्ट्ररक्षा में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की। उन्होंने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी, जिसकी भावना को आज विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की बेटी द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्रपति पद तक पहुंचना देश के करोड़ों आदिवासियों के सम्मान का प्रतीक है।
प्रदेश के आदिम जाति कल्याण मंत्री कुँवर विजय शाह ने कहा कि आदिवासी युवाओं को उच्च प्रशासनिक एवं न्यायिक सेवाओं में अवसर प्रदान करने के लिए जबलपुर में विशेष आवासीय प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त से आईएएस एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु निःशुल्क आवास, भोजन एवं गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही, क्लैट परीक्षा की तैयारी के लिए भी विशेष व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आदिवासी गौरव और संस्कृति के संरक्षण हेतु ‘रानी दुर्गावती लोक’ की स्थापना की दिशा में कार्य कर रही है।
राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने कहा कि रानी दुर्गावती ने मुगल आक्रांताओं का साहसपूर्वक सामना कर मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित किया। उनका जीवन त्याग, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणादायी मिसाल है।
राज्यमंत्री लखन पटेल ने कहा कि लगभग 500 वर्ष पूर्व रानी दुर्गावती द्वारा विकसित योजनाओं और व्यवस्थाओं की दूरदर्शिता आज भी लोगों को प्रेरित करती है। उन्होंने नागरिकों से रानी दुर्गावती के आदर्शों को अपनाने तथा बेटियों की शिक्षा, नशामुक्ति और समाज के सकारात्मक विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया ने कहा कि रानी दुर्गावती केवल एक वीरांगना ही नहीं, बल्कि साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति की अमर प्रतीक हैं। उनके आदर्श आज भी समाज और राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं।




