Home / Damoh पीएम आवास योजना में रिश्वतखोरी का पर्दाफाश, लोकायुक्त पुलिस ने रोजगार सहायक को रिश्वत लेते रंगे हाथ किया गिरफ्तार
Home / Damoh पीएम आवास योजना में रिश्वतखोरी का पर्दाफाश, लोकायुक्त पुलिस ने रोजगार सहायक को रिश्वत लेते रंगे हाथ किया गिरफ्तार
प्रधानमंत्री आवास योजना गरीबों के लिए वरदान है, लेकिन दमोह में एक रोजगार सहायक ने इसे कमाई का जरिया बना लिया था, जिसे लोकायुक्त ने 8 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा।

पीएम आवास योजना में रिश्वतखोरी का पर्दाफाश, लोकायुक्त पुलिस ने रोजगार सहायक को रिश्वत लेते रंगे हाथ किया गिरफ्तार
प्रधानमंत्री आवास योजना गरीबों के लिए वरदान है, लेकिन दमोह में एक रोजगार सहायक ने इसे कमाई का जरिया बना लिया था, जिसे लोकायुक्त ने 8 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा।
पीएम आवास योजना में रिश्वतखोरी का पर्दाफाश, लोकायुक्त पुलिस ने रोजगार सहायक को रिश्वत लेते रंगे हाथ किया गिरफ्तार
Naveen Duniya
भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई के बावजूद, सरकारी महकमों में घूसखोरी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रदेश में एक बार फिर लोकायुक्त पुलिस ने रिश्वतखोर सरकारी कर्मचारी को रंगे हाथ धर दबोचा है, जिसने प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना में भी अपने निजी स्वार्थ साधने का प्रयास किया। यह घटना दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक अंतर्गत परासई गांव की है, जहां एक ग्राम रोजगार सहायक को आठ हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। लोकायुक्त सागर की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम देते हुए रोजगार सहायक राजेश लोधी को परासई ग्राम पंचायत भवन में ही दबोचा।
दरअसल, राजेश लोधी पर आरोप है कि वह प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत घरों के निर्माण कार्य की जियो टैगिंग के लिए फरियादी संजू रैकवार से लगातार पैसों की मांग कर रहा था। जियो टैगिंग, निर्माण कार्य की प्रगति को दर्शाने वाली तस्वीरों को पोर्टल पर अपलोड करने की एक अनिवार्य प्रक्रिया है, जिसके आधार पर हितग्राही को अगली किश्त जारी की जाती है। इसी प्रक्रिया का लाभ उठाकर रोजगार सहायक राजेश लोधी ने संजू रैकवार को आर्थिक रूप से परेशान करना शुरू कर दिया था। गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए बनाई गई इस योजना में भी भ्रष्टाचार का यह खेल खुलेआम चल रहा था, जिससे योजना का मूल उद्देश्य ही प्रभावित हो रहा था।



